अधिगम के नियम व सिद्धांत Learning Rules and Principles

थार्नडाइक के सीखने के नियम Tharndike's Learning Rules


थार्नडाइक के सीखने के नियम-अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थार्नडाइक ने सीखने के तीन प्रमुख नियम और पांच गोंण नियम प्रतिपादित किए हैं जो निम्न है।
अधिगम के नियम, सीखने के नियम, थार्नडाइक के सीखने के नियम, laws of learning

अधिगम के तीन मुख्य नियम The three main rules of learning--

1. तत्परता का नियम Readiness law-

     तत्परता के नियम से यह अभिप्राय है कि जिन कार्यों को सीखने के लिए हम तैयार रहते हैं वे कर्य तो हम सीख लेते हैं लेकिन जिन कार्यों को सीखने के लिए हम तैयार नहीं रहते हैं, यह कार्य अपने जीवन में कभी नहीं सीख पाते हैं, इस नियम के उदाहरण का हम दैनिक जीवन में सदैव अनुभव करते हैं। बालक जिस पाठ को पढ़ने के लिए तैयार रहता है वह पार्टी से शीघ्र ही याद हो जाता है इस प्रकार अन्य कार्य भी अगर तैयार होकर किए जाएं, धोवे शीघ्र ही धारण किए जाते हैं। वास्तव में, तैयारी क्या भाव में, अभ्यास एवं प्रभाव का कोई महत्व नहीं है।
    सीखने के किस नियम के द्वारा कार्य शीघ्र व कुशलता से होता है।
भाटिया के अनुसार-"तत्परता या किसी कार्य के लिए तैयार होना युद्ध को आधा विजय कर लेना है।"

2. अभ्यास का नियम Rule of practice-

       इस नियम के अनुसार जिस प्रतिक्रिया को हम बार-बार करेंगे, वह प्रतिक्रिया हम शीघ्र ही सीख लेते हैं एवं जिस प्रतिक्रिया की पुनरावर्ती नहीं करेंगे, उन्हें हम नहीं सीख सकते हैं। इसे उपयोग या अनुप्रयोग का नियम भी कहा जाता है।
यह सिद्धांत कुशल बनाता है।
सिद्धांत के दो उपनियम है-
1.) उपयोग का नियम-जब किसी स्थिति तथा प्रतिक्रिया में परिवर्तन लाए जाने वाले संबंध बना दिए जाएं और यदि अन्य वस्तुओं को इस प्रकार रखा जाए तो इसमें संबंध की शक्ति बढ़ जाती है।
2.) अनुपयोग का नियम-ठंडाई के अनुप्रयोग के नियम का स्पष्टीकरण इस प्रकार है-जब स्थिति और प्रतिक्रिया में लंबी अवधि तक कोई परिवर्तन लाने वाला संबंध नही बनाया जाता है तो इस संबंध की शक्ति क्षीण हो जाती है।

    कॉलसनिक के अनुसार-"अभ्यास का नियम किसी कार्य की पुनरावर्ती, पुनर्विचार या अभ्यास के औचित्य को सिद्ध करता है।"

3. प्रभाव का नियम Rule of effect- 

       प्रभाव के नियमों को संतोष/ असंतोष का नियम भी कहते हैं।हम उस कार्य को सीखना चाहते हैं जिसका का परिणाम हमारे लिए हितकर होता है। इस नियम में पुरस्कार व दंड का बहुत महत्व है। इसलिए इस नियम को पुरस्कार एवं दंड का नियम भी कहते हैं।इ

इस नियम के अनुसार जिस कार्य को करने से हमें सुख और संतोष मिलता है उस कार्य को हम बार बार करते हैं, जिससे हमें असंतोष मिलता है, उसे हम तुरंत छोड़ देते हैं।


अधिगम के गौण Five rules of learning:-

1. बहु प्रतिक्रिया का नियम Law of multi-reaction-

       जब हम कोई नया कार्य करना सीखते हैं तब हम उसके प्रति अनेक बार विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं करते हैं। प्रयत्न एवं भूल का सिद्धांत इसी पर आधारित है।

2. अभिवृत्ति या मनोवृति का नियम Law of attitude or mentality-

       यदि हम किसी कार्य को करने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होते हैं तो या तो हम उसे रोकने में असफल होते हैं या अनेक त्रुटियां करते हैं या बहुत विलंब से करते हैं।

3. आंशिक क्रिया का नियम Law of partial action-

       हम जिस कार्य को करना चाहते हैं उसे छोटे-छोटे भागों में विभाजित कर लेते हैं तथा कार्य को शीघ्रता एवं सुगमता से पूर्ण करते हैं।
"अंश से पूर्व की ओर" सिद्धांत इस नियम पर आधारित है।

4. आत्मिकरण का नियम Law of intuition-

       हम जो भी नया ज्ञान प्राप्त करते हैं उसका आत्मीकरण या उसे आत्मसात कर लेते हैं। यही कारण है कि जब शिक्षक, बालक को नई बात सिखाता है तब उसका पहले लिखी हुई बात से संबंध स्थापित कर देते हैं।
"ज्ञात से अज्ञात की ओर "सिद्धांत किस नियम पर आधारित है।

5. संबंधित परिवर्तन का नियम Law of related change- 

       पहले कभी की गई क्रिया को उसी के समान दूसरी परिस्थितियों में उसी प्रकार करना।
उदाहरण-प्रेमिका की अनुपस्थिति में प्रेमी उसके चित्र से उसी प्रकार बातें करता है जिस प्रकार व है उससे करता था।
उदाहरण-यदि मां का बच्चा मर जाता है तो वह उसकी वस्तुओं को उसी प्रकार सीने से लगा दी है जिस प्रकार वह बच्चे को लगाती थी।

अधिगम के अन्य महत्वपूर्ण नियम-

1. उद्देश्य का नियम-"व्यक्ति का किसी कार्य को करने का उद्देश्य जितना अधिक प्रबल होता है उतनी ही अधिक उस में कार्य करने की तत्परता होती है"-रायब्रन
2. परिपक्वता का नियम-शारीरिक एवं मानसिक परिपक्वता
3. निकटता का नियम
4. अभ्यास वितरण का नियम-"यदि एक व्यक्ति किसी कार्य का एक दिन में 7 या 80 मिनट तक लगातार अभ्यास न करके 4 दिन 15 मिनट अभ्यास करें, तो वह अधिक सीख सकता है"-डगलस एवं हॉलेंड
5. बहु अधिगम का नियम-
           "हम एक समय में केवल एक बात कभी नहीं सीखते हैं, हम सदैव बहुत सी बातों को साथ-साथ सीखते हैं"- रायबर्न

यह भी पढ़े-
अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक
अधिगम का महत्व
अधिगम का अर्थ एवं परिभाषा
वृद्धि एवं विकास के सिद्धांत

How to speed up Laptop/Computer 10 Tips (computer speed problems)


Speed up my pc

Aaj ke dor me har koi computer/laptop ka upyog kar raha hai.bahut se log to apna pura din hi computer/laptops par bitate hai.Laptops ho ya phir Computers ko apna best friends mante hai.

Aur computer bhi unka pura Saath dete hai jab wo New hote hai.lakin waqt ke saath ye hang hone lag jate hai. Computer speed slow ho jati hai aur tabh hame bahut gussa aata hai.kabhi-kabhi to Computer ko todne ka man karta hai.
Jyadatar Log Kehte Hain Ki my computer is slow.
Lakin iske ilye aapko pareshan hone ki jarurat nhi hai aisa sabke computer/laptops ke saath hota hai.sabhi ki computer speed slow ho jati hai.
Or aaj me aapko isse bachne ke tips batane wala hu jsse aap apne laptop/computer speed badha sakenge.
Laptop/Computer speed badhane ke liye aapko kuch steps follow karne honge jo bahut hi aasaan hai.
Basically hum apne computer ki chhoti si problems ko Repair ke liye leke jaate hai to hamare se kam se kam 500 Rupaye liye jaate hai.jo bina kisi kaam ke liye jaate hai.
Koyuki computer/laptops software ya window se Related problems ko hum 100% Ghar par hi solve kar sakte hai.

Agar aapke Computer system speed slow hai to Apnaye ye Tips.

Speed up my PC super 10 tips

                              increase computer speed


How to speed up laptopStep-1

           Sabse pehle apne computer ke start menu me jakar Run dialogue box ko open kre ise aap winkey+R se bhi open kar sakte hai.ab isme 'msconfig' Type kre.


         Aisa karte hi aapke samne system configuration utility ka box open hoga.isme startup tab par click kre.isme aapko computer start hone wale programs ki jankari milegi.
        Isme se aap jo jaruri nhi hai us process ko band kar de.aisa karne se computer RAM par se load hatta hai.aur computer speed boost hoti hai.

Step-2
          Keyboard se Winkey+R press kre ab ek box open hoga jisme 'temp' type kre.Ab ek window open hogi jisme kuch files hogi inhe select all karke delete kar de.

Step-3
          Ek baar phir se Run box open karke ' prefetch' type kare.Ab ek folder open hoga iski bhi sabhi files delete kre.phir dekhiye aapke computer speed badegi.(speed up my PC).

Step-4
     
  Phir Run dialogue box me jakar '%temp%' type kare.Ek window open hogi jisme kuch files hogi ye sabhi files temporary files hoti hai jinki computer me koi jarurat nhi hoti hai.In sabhi files ko delete kar de.Ek do din se in files ko delete karte rahe.

Step-5
          My computer is slow.Desktop se Recycle bin open kare isme wo sari files hoti hai jo hamne Computer se Delete ki hai.iska load computer ki RAM par padta hai jisse computer speed slow hoti hai.
In sabhi flies ko yaha se delete kar de.
Pc me jo files aapko nhi chahiye use sift+delete karke delete kare jisse files direct computer se bahar hi chali jati hai.

Step-6
          Cabinet box ki safai kare isme motherboard par dhul jum jaati hai jisse Cabinet box me laga Fan slow chalta hai phir Computer automatically bandh hone lagta hai.SMPS box ki bhi safai kare.ek baar cabinet box ko saaf karne ke baad apne computer ki speed check kare.
Note:-Cabinet box ko clean karte time pin ko plug se jarur hataye.

Step-7
           Ek badiya sa Antivirus install kare jo apke computer system ki junk files ko hata kar speed ko badha sake aur virus and malware se suraksha kar sake.
  Lakin Computer/laptop me ek hi antivirus install rakhe dusra install na kare nhi to aapka system jyada hang hoga or ho ske to Start/boot hi nhi hoga.

Kuch Important Antivirus- Bitdefender Antivirus Plus, Kaspersky Anti-Virus, Norton Security Standard, NpAv Antivirus etc.

Step-8
          Computer ke jis drive me window loaded hai use jyada se jyada khali Rakhe aur saath hi Computer system me installed software ke alawa koi bhi software computer me store na rakhe.Aisa karne se PC RAM par load nhi padta hai aur pc ki speed bani rahti hai.

Step-9
          Computer ke 'cantrol panel' me jaye“View Performance Information” par click kare or Disk Cleanup ka option chune aur sabhi Disk ko cleanup kare jisse Computer ko space milega aisa karne se junk file,corrupted,temp,error files delete hoti hai aur Disk se load hat jata hai.Computer speed se chalne lagta hai.

Step-10
           Desktop ko clean Rakhe desktop par icons ke alawa kuch bhi na rakhe jaise ki video,Audio,games ya phir software.

Kuch Extra Tips:-

         1. Run box me 'Recent' search karke iski sabhi files ko delete kare.
         2. Automatic window updates ko off Kare.
         3. System se duplicate files ko delete kare.
         4. Apne pc ke hardware and software ko update Rakhe.
         5. Graphics driver ko update kare jisse pc ki speed up ho aur Video&games ki performance aachi ho.

To friends ye the kuch computer speed badhane ke 1 tips jo aapko pasand aaye honge.
Agar aapko ye post aachi lagi to ise apne friends ke saath social media par jarur share kare.

How to increase your typing speed in one week, कंप्यूटर पर टाइपिंग स्पीड बढ़ाने के बेस्ट टिप्स (typing tips)

Typing tips for beginners,

How to increase your typing speed

दोस्तों आज हर किसी के पास computer है और सभी को computer की बहुत आवश्यकता है। और अगर आज किसी को Work की जरुरत है तो उसे computer and typing का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। Professional life में आगे बढ़ने के लिए कंप्यूटर और टाइपिंग का ज्ञान होना ही चाहिए। Computer typing एक ऐसी चीज है जिस पर बहुत ज्यादा लोग ध्यान नहीं देते लेकिन जब वह professional environment में कहीं काम करने जाते हैं तो उनको महसूस होता है कि जो typing speed है वह बहुत slow है। वह देखते हैं कि उनके जो आस पास के लोग हैं वह बहुत जल्दी टाइपिंग कर लेते हैं। लेकिन वह स्वयं इस काम में बहुत स्लो होते हैं। आपकी English typing speed improve करने के कुछ typing tips यहां बताने वाला हूं।
    तो आज हम बताएंगे कुछ typing tips जिनसे आप अपनी typing speed improve कर सकते है।
आप अपनी टाइपिंग स्पीड को 1 सप्ताह में दोगुना कर सकते हैं बस आपको रोजाना आधे घंटे टाइपिंग प्रैक्टिस(typing practice) करनी होगी।
इन Typing tips से आप increase typing speed to 100 Wpm तक कर सकेंगे।
यहां पर आज मैं आपको 5 ways to improve typing speed के बताने वाला हूं।

5 Ways to improve typing speed-

1. Use all fingers-



   दोस्तों टाइपिंग स्पीड को बढ़ाने के लिए सबसे पहला जो तरीका है वह यह है कि टाइपिंग करते समय आपको अपने दोनों हाथों की अंगुलियों और अंगूठों का इस्तेमाल करना है। बहुत से ऐसे यूजर होते हैं जो केवल दो से तीन अंगुलियों का ही सहारा लेते हैं इसलिए उनकी typing speed slow रहती है, तो आपको ऐसा नहीं करना है। हमारी 10 की 10 अंगुलियां flexible है इनको move करे keyboard के around टाइपिंग करने के दौरान।
आप अपनी सभी अंगुलियों का प्रयोग टाइपिंग में करते हैं तो देखिए आपकी typing speed कितनी जल्दी बढ़ेगी।

2. Always keep them in home position-

      एक position होती है keyboard में जिसको हम बोलते हैं -home position. ये position शुरू होती है आपके बाएं हाथ की सबसे छोटी अंगुली A पर होनी चाहिए, उससे अगली उंगली S पर उससे अगली उंगली D पर , चौथी उंगली F पर, तथा बाएं हाथ का अंगूठा हमेशा Space पर होना चाहिए।
ठीक इसी प्रकार दाहिने हाथ की सबसे छोटी अंगुली :; पर होनी चाहिए तथा उससे बड़ी L पर अगली उंगली K पर तथा लास्ट उंगली J पर होनी चाहिए, और दोनों हाथों के अंगूठे हमेशा space bar पर होने चाहिए।

इस home position से क्या होता है कि इस पोजीशन में अपने हाथ रखने पर आपकी अंगुलियां कीबोर्ड की सभी keys को आसानी से कंट्रोल कर सकती है। इससे आप बहुत आसानी से इधर उधर की सभी keys पर आसानी से पहुंच सकते हैं। जिससे आपकी typing speed increase होती है। इस position मैं अधिक से अधिक typing practice करे।
इस typing position में type करते समय यह बात ध्यान रखे की जब किसी दूसरे अक्सर को टाइप करें तो अपनी अंगुलियों को वापस इसी पोजीशन में लाएं। मान लीजिए आप R टाइप करते हैं तो वापस आप की अंगुली F पर आ जानी चाहिए।

3. Right stroke with right finger-


     3 typing way जो सबसे इंपोर्टेंट है। सही अंगुली से सही Key press करे। किस अंगुली से कौनसी key  टाइप करनी है यह आपकी माइंड में होना चाहिए। ऎसी typing practice ज्यादा से ज्यादा करे।
दोस्तों ऊपर बताएं गए 3 ways to improve typing speed से आप अपनी typing speed increase कर सकते हैं।
Typing speed improve करने के इससे बढ़िया तरीके और नहीं हो सकते। तो बस इन 3 ways to improve typing speed को ध्यान में रखकर अधिक से अधिक typing practice करते रहिए। फिर देखिए आपकी typing speed 100wpm होती है या नहीं।
अपनी typing speed check करने के लिए online typing test दीजिए। 

4. Learn shortcut-

     ऊपर बताएं गये Three ways to improve typing speed के अलावा कुछ और भी typing tips है जिन्हे आप याद रखोगे तो आप की  आसानी से typing speed improve होगी।
Computer software में कार्य को आसान बनाने के लिए shortcut key होती है। Windows, PowerPoint,MS Office, MS Paint, MS Excel सभी में shortcut keys होती है। जो हमारे work को easy बनाती है।
Computer user को shortcut keys learn होना जरूरी है। क्योंकि यह typing को आसान बनाती हैं। जिससे आपकी typing speed increase होती है।
Shortcut keys में CUT,COPY, PASTE,REDU,ANDU, DELETE आदि keys तो हमेशा दिमाग में होनी ही चहिए। जिस सॉफ्टवेयर में आप कार्य करते हैं उसमे आप अपने अनुसार भी shortcut keys बना सकते है। इससे भी आपकी typing speed improve होती है।

5. Right posture-

     अंतिम typing tips जिसे ज्यादातर लोग avoidकरते है वो है right posture यानी आपको हमेशा typing करते समय right posture में बैठना है।
आपकी कलाइयां रेस्ट में होनी चाहिए, अंगुलियां मुड़ी हुई होनी चाहिए, कमर सीधी होनी चाहिए, नजरें डेस्कटॉप रखनी चाहिए, कीबोर्ड ज्यादा ऊंचाई पर नहीं होना चाहिए यह सभी चीजें बहुत जरूरी है जब आप टाइपिंग कर रहे होते हैं।
अगर आप right posture में typing practice करेंगे तो 💯% aap ki typing speed increase Hogi.
   दोस्तों ज्यादा से ज्यादा typing practice करते रहिए और साथ ही online typing test भी देते रहिए,अधिक typing practice से आप English typing ओर Hindi typing में दक्षता प्राप्त कर लेंगे।

तो दोस्तो ये थे  5 ways to improve typing speed के typing tips आशा करता हूं दोस्तों आपको यह typing tips पसंद आई होगी तो दोस्तों इसे अपने typing time के दौरान अप्लाई करें।

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बिना कोचिंग के एग्जाम में कैसे सफल हो How to crack competitive exam without coaching

How to crack competitive exam without coaching

       Dosto आप किसी भी stream से हो सकते हैं, यह जरुरी नहीं है कि competitive exams pass करने के लिए अगर हम arts के student nahi hai, तो Humse nahi ho sakega.आप science, commerce, arts ya Kisi bhi stream se ho sakte hai, Jo equivalent ho registration ki degree ke liye. Uske baad यह भी जरूरी नहीं है कि आपके पास पैसे है या नहीं, आप coaching ले रहे हैं या नहीं, क्योंकि जितने भी toppers की interview मैंने देखे हैं उनमें से एक भी topper ने यह बात नहीं कही की coaching का लेना इतना important है, हां उन्होंने यह बात जरूरी कही की जरूरत पड़ सकती है आपको, लेकिन पैसों की कोचिंग ले यह आवश्यक नहीं है। अगर आप coaching लेना चाहते हैं तो YouTube पर बहुत से videos chapter wise mil Jate Hain. Agar aapko mathematics, science, reasoning me koi problem hai to aap aasani se YouTube par samajh sakte hain.

दोस्तों अब बात करते हैं पढ़ने की, Kyunki Log Kehte Hain ki aap ko competition ki exam pass karne ke liye आपका study time कम से कम 10-12 घंटे प्रतिदिन होना चाहिए। लेकिन ज्यादा time study करने से कोई टॉप नहीं करता या पास नहीं करता। UPSC या SSC, बहुत से लोग ऐसे हैं जो 12 घंटे time study करके भी पास नहीं हो पाते। 
में आपको ये सलाह दूंगा कि आप ज्यादा मत पढ़िए, बस regular आप 5-6 घंटे या ज्यादा से ज्यादा 7 घंटे Study कर लीजिए (best time to study), लेकिन जो भी पढ़े उसे details में पढ़ें। चाहे आप coaching में हो या self study कर रहे हो लेकिन topic की गहराई में जाए।
अब दूसरी बात कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हर बार books change करते रहते हैं। यार इस राइटर की बुक अच्छी है, इस writer की maths book अच्छी है, यह वाली बुक अच्छी है,वह वाली बुक अच्छी है यह आपकी गलत सोच है। आपके पास जो बुक है वह बेस्ट है बस कामयाबी आपको जब मिलेगी तब आप topic की गहराई में जाएंगे। अगर आप उसी बुक्स की गहराई में जाकर study कर रहे हैं तो आपको success अवश्य मिलेगी।
अलग-अलग बुक्स पढ़ने से अच्छा है कि आप एक ही बुक को तीन बार अच्छे तरीके (good ways) से पढ़ें तो यकीन मानिए आपकी सफलता(success) को कोई नहीं रोक सकता।
      इस बुक से जो भी आप पढ़ रहे हैं उससे आप notes भी बनाते जाइए, अपने नोट्स को maintain रखिए, नोट्स अच्छी राइटिंग में हो यह जरूरी नहीं है लेकिन जब आप दोबारा पेज को पलटे तो आपको समझ आने चाहिए। और अपनी नोट्स को सुरक्षित जगह पर रखें क्योंकि exams के निकट बुक से ज्यादा आपको,इन्हें ही पढ़ना है। कम समय के लिए नोट्स बेस्ट होते हैं।
अगर आप यह सोच कर रह जाएंगे कि यार मेरा यह अटेंप्ट नहीं हो पाया या मैं एक subject में रह गया या मेरा interview clear नहीं हुआ, मेरा रिटर्न रह गया। इन सब की वजह से आप मुंह मोड़ लेंगे तो यह बहुत बड़ी असफलता है आपके लिए। अगर आपके 1-2 अटेंप्ट हो भी चुके हैं तो कोई बात नहीं, लगे रहिए।
आपको निराश नहीं होना है क्योंकि-

'असफल होने का मतलब यह नहीं है कि आप फेल हो गए हैंइसका मतलब यह है कि आप अभी तक उस कार्य में सफल नहीं हुए हैं।'

Time management बहुत जरूरी है और आज के टाइम पर जरूरी नहीं कि आप student हैं आप profession में भी हो सकते हैं उसके साथ आप examination clear करने की सोच रहे होंगे। तो time table बनाना बहुत ही मुश्किल रहता है (time management for Students) लेकिन क्या आप यह कर सकते हैं कि मुझे 7 घंटे पढ़ना ही है 10 दिन 20 दिन, इस तरीके से चलिए कि मुझे 7 घंटे पढ़ना ही है किस time study कर रहा हूं, कितने time study कर रहा हूं यह फर्क नहीं पड़ता। लेकिन जैसे ही आप 10-15 दिन निकाल लेंगे आपको खुद को समझ में आ जाएगा की time table क्या है, मैं किस तरीके से चल रहा हूं। मेरा time management क्या है।
लेकिन लगे रहिए इसमें ज्यादा मत पढ़िए, कम पढ़िए लेकिन जो भी पढ़े उसे डिटेल में पढ़े। यह वाला अटेंप्ट नहीं दे पाए कोई बात नही, अगला अटेंप्ट देंगे लेकिन जब भी देंगे best देंगे। क्योंकि self confidence बहुत बड़ी चीज होती है अपने आप पर भरोसा रखिए। और अपने आप से कहीए कि मैं जो यह अटेंप्ट देने जा रहा हूं क्या मैं पूरा तैयार हूं,नहीं हूं तो कोसिए मत, फिर से मेहनत करिए,आगे पढ़िए और होगा कैसे नहीं, ऐसी कौन सी चीज है जो हमसे छूट गई।
अगर आपका कोई weak subject है तो यह जरूरी नहीं कि वह अच्छा नहीं बनेगा आप मेहनत करते रहिए आपको वही subject अच्छा नहीं लगने लगेगा।
क्योंकि toppers कहते हैं कि टॉप करने के लिए पढ़ना जरुरी नहीं है, जुनून जरूरी है क्योंकि जिनके पास जुनून है 50% काम तो वह वही कर जाते हैं। आप कुछ सब्जेक्ट में कमजोर हो सकते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है। जो टाइम हम दे रहे हैं क्या वह सही से दे रहे हैं।
कोई चीज 3 घंटे में समझ में नहीं आ रही तो 6 घंटे में समझ में आएगी,ऐसा भी क्या जो समझ में ही नहीं आएगी।

Best Exam Tips-

कुछ आसान टिप्स जिनसे competitive exam clear कर सकेंगे।
1.Revision-कुछ नया पढ़िए या न पढ़िए, लेकिन जो पढ़ा है उसका रिविजन अवश्य करें। रीजन पर अधिक से अधिक ध्यान दें।
2. अपने आप में एक Regularity जरूर रखिए। और जितना हो सके उतना मॉडल टेस्ट पेपर (model test paper) सॉल्व करें। आप जितने ज्यादा टेस्ट पेपर सॉल्व करेंगे आपके सक्सेस होने के उतने ही चांस बढ़ते जाएंगे।
3. सप्ताह में आप कम से कम तीन टेस्ट पेपर (test paper)अवश्य देवें जिससे आपका मनोबल बढ़ेगा व कमजोरियां आपको समझ में आएंगी।
मुझे पता है कि आप यह सभी चीजें जानते होंगे लेकिन आपको जानना नहीं समझना व apply करना है। तो इसे आप अप्लाई करिए, दुनिया क्या कहती है क्या नहीं, आप इसे छोड़एं। और उन सबके लिए एक बात हमेशा मन में रखिए कि 'मेरे अकेलेपन का मजाक उड़ाने वालों, जरा यह तो बताओ कि जिस भीड़ में तुम खड़े हो उसमें कौन तुम्हारा।'
तो इसमें कोई किसी का नहीं है 'अगर तुम अच्छे हो तो दुनिया तुम्हें अच्छा कहेगी।'और जिस दिन तुम कुछ ना बन पाए तो दुनिया तुम्हें कोसेगी।
तो दो-तीन साल कोसने दीजिए जब आप अच्छा बन जाएंगे तो आपका नाम हर कोई लेगा। फिर आपकी पहचान नाम और काम दोनों से होगी।
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जवान और स्वस्थ बने रहने के लिए घरेलू नुस्खे health tips in Hindi

Home Remedies for Young and Healthy

नमस्ते दोस्तों...
    आज हम सदा जवान व स्वस्थ रहने के घरेलू नुस्खें बताने वाले हैं इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप हमेशा स्वस्थ वह जवान बने रह सकते हैं।
आज कुछ ऐसी छोटी-छोटी health tips बताने वाले हैं बिल्कुल छोटी-छोटी बातें हैं जो कि आमतौर से आप आराम से कर सकते हैं।
सदा जवान व स्वस्थ रहने के घरेलू नुस्खें,Home Remedies for Young and Healthy

1.एक गिलास गुनगुना पानी A glass lukewarm water-

      सबसे पहले सुबह जब भी आप उठे, तो उठने के बाद एक गिलास गुनगुना पानी कर ले और उकड़ू  (दोनों घुटनों के बल बैठ जाएं) बैठकर उस पानी को थोड़ा थोड़ा करके पिए। ऐसा करने से जिन लोगों को कब्ज (Constipation) की शिकायत रहती है उनकी कब्ज को दूर करेगा। और भी इसके अनेक फायदे हैं। Jaise- गैस, खट्टी डकारें आना आदि में फायदेमंद है।

2.आंवले का जूस Amla juice-

     सुबह उठकर फ्रेश होने के बाद आवले का जूस खाली पेट पी सकते हैं। हल्का गुनगुना पानी करके उसमें आंवले का पाउडर मिलाकर पी सकते हैं। या फिर पतंजलि आंवले का जूस ले सकते हैं। यदि आप आंवले का जूस नहीं खरीदना चाहते हैं तो आप कच्चे आंवले का इस्तेमाल कच्चा खाकर व सब्जियों में कर सकते हैं। आंवले के जूस का प्रयोग करने से चेहरे की झुर्रियां, सफेद बाल, आंखों की रोशनी का कम होना तथा पेट समस्याओं दूर होती है।

3.भोजन के छोटे-छोटे टुकड़े Small pieces of food-

      जब भी आप भोजन कर रहे हैं तो भोजन को काफी देर तक मुंह में थोड़ा-थोड़ा करके चबाएं इससे आपकी पाचन क्रिया हमेशा सही तरीके से चलती रहेगी। भोजन के एक ग्रास को 30 से 40 बार चबाना चाहिए। इस प्रकार भोजन आसानी से पच जाता है और गैस व कब्ज (Constipation) जैसी समस्याएं दूर रहती है।

4. भोजन के साथ पानी Water with food-

      कुछ लोग ऐसे होते हैं जो भोजन के साथ-साथ पानी पीते रहते हैं या फिर भोजन के तुरंत बाद पानी पीते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है भोजन के साथ पानी का सेवन करना बिल्कुल जहर के समान होता है। अथार्त आपको भोजन के 1 घंटे पश्चात ही पानी का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से आपको पेट से संबंधित कोई समस्या नहीं होगी। सारे रोगों की जड़ पेट ही होता है और जब पेट सही होगा तो कोई भी रोग नहीं होगा।

5. रोज प्राणायाम और योग Everyday Pranayama and Yoga-

       रोज सुबह प्राणायाम और योग करने चाहिए अगर आपको योग नहीं आते हैं तो आप इंटरनेट की मदद से सीख सकते हैं या फिर किसी अच्छे योग गुरु से सीख सकते हैं। रोज कम से कम आधे घंटे तक हमें योग करना चाहिए। प्राणायाम और योग करने से हमारे तन,मन को शांति मिलती है व हमारा शरीर स्वस्थ(healthy body) रहता है।

6. मॉर्निंग वॉक morning walk-

        सवेरे उठकर बाहर घूमने जाएं हो सके तो किसी पार्क में ओस वाली घास पर नंगे पैर चलें। नंगे पैर चलने से आपकी आंखों की रोशनी बढ़ेगी और दिमाग फ्रेश रहेगा। रोजाना मॉर्निंग वॉक करने से मोटापा का खतरा टल जाता है।

7. सूर्य नमस्कार Surya Namaskar-

        रोज सुबह सूर्य नमस्कार करें। सूर्य नमस्कार करने से पैर के अंगूठे से लेकर सिर की चोटी तक के प्रत्येक भाग की अच्छी सी एक्सरसाइज  हो जाती है। पूरे शरीर के लिए सूर्य नमस्कार बहुत ही अच्छा व्यायाम है।

8. ध्यान करें Meditate-

        ध्यान करने का एक सिंपल सा तरीका है जो कि हमारे शरीर को रिलैक्स (Body relaxes) करता है। इसका तरीका यही है की आप आलती- पालती लगा कर बैठ जाईए। यदि आप सीधे नहीं बैठ सकते तो कुर्सी पर बैठ जाएं, कुर्सी पर भी नहीं बैठ सकते तो नीचे चटाई बिछाकर सर्वांगस में लेट जाएं। इसके बाद आपको लंबी गहरी सांस लेनी है, और लंबी गहरी सांस ही छोड़नी है। फेफड़ों को पूरा भर ले और आराम आराम से इसे खाली कर ले। ऐसा आप 10 से 15 बार करें। रोज ध्यान करने से आप इसके फायदे स्वयं जान जायेंगे।
जब भी आपको घबराहट हो,बेचैनी हो या फिर इंटरव्यू देने के लिए जा रहे हो तो शुरू में घबराहट होती है। इस समय आप लंबी गहरी सांस ले और छोडे,कुछ समय पश्चात आपकी सांसे बिल्कुल नॉर्मल हो जाएगी। और आप अच्छा महसूस करेंगे।

9. क्या खाए What to eat-

    सर्दियों के मौसम में गाजर और चुकंदर आएंगी तो इनका जूस आप अधिक मात्रा में पिए जिससे आपकी आंखों को बहुत फायदा मिलेगा। और हरी सब्जियों का साग खाईये जिससे आपको काफी अधिक फायदे मिलेंगे। जब भी आप मार्केट से कोई सब्जी लाते हैं । जैसे-बैंगन, भिंडी,पालक,मुली,पालक,फलिया है तो उनमें  काफी ज्यादा रासायनिक खाद वगैरा होते हैं तो इन्हें आप हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डालकर सब्जियों को डाल दीजिए। कुछ घंटों तक इन्हें ऐसे ही रहने दीजिए, इससे यह फायदा होगा कि जो उसके अंदर के केमिकल हैं, उनके जहरीले पदार्थ है वह काफी हद तक गुनगुने पानी व नमक का जो मिश्रण है वह उनको खींच लेगा तो आपके शरीर में कम से कम जहर जाएगा। और आप हमेशा स्वस्थ और फिट (Healthy and fit) रहेंगे।

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B.Ed की पाठ योजना( B.Ed' Lesson Plan)


विद्यालय- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय
दिनांक- 23/09/2017                कक्षा- 6                  वर्ग- A
विषय - विज्ञान                             कालांश-।।।            समयावधि-40 मिनट

प्रकरण-  अणु व परमाणु

➤शिक्षण उद्देश्य-

उद्देश्य
अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1.ज्ञानात्मक
1. विद्यार्थी अणुओं और परमाणुओं का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
2. विद्यार्थी अणु और परमाणु को परिभाषित कर सकेंगे।
2.अवबोध
1. छात्र अणु और परमाणु में संबंध स्थापित कर सकेंगे।
2. छात्र अणु व परमाणु की व्याख्या अपने शब्दों में कर सकेंगे।
3.अनुप्रयोगात्मक
1. छात्र अनुभव प्रमाण से संबंधित ज्ञान का उपयोग उच्च कक्षाओं में कर सकेंगे।
2. छात्र दैनिक जीवन में उपयुक्त पदार्थों में अनुभव प्रमाण से संबंधित ज्ञान का प्रयोग कर        सकेंगे।
4.कोशल
1. छात्र परमाणु की संरचना का चित्र बनाने में दक्ष हो सकेंगे।
2. छात्र परमाणु की संरचना का नामांकित चित्र बना सकेंगे।
5.अभिरुचि
1. छात्र परमाणु के बारे में जानने में रुचि ले सकेंगे।
6.अभिवृत्ति
1. विद्यार्थियों में अणु व परमाणु के अध्ययन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।

➤आवश्यक सामग्री:-
                                 विज्ञान पाठ योजना (परमाणु संरचना)  B.Ed. lesson plan science in hindi
                  श्वेत वर्तिका (चाक), लपेट-फलक,संकेतक, चार्ट व अन्य कक्षा उपयोगी सामग्री आदि।

शिक्षण बिन्दु:-
          1. अणु         2. परमाणु       3. परमाणु संरचना 


शिक्षण विधि-
                 प्रश्नोत्तर प्रविधि,कथन विधि,व्याख्यान विधि।

पूर्व ज्ञान:-
                 छात्र अपने आसपास की वस्तुओं का ज्ञान रखते हैं।


प्रस्तावना:-

क्र.स.
छात्राध्याप्क क्रियाएं
विधार्थी क्रियाएं
1.
2.


3.


4.

प्रश्न- हम कक्षा में कौन कौन सी वस्तुएं देखते हैं?
प्रश्न- जो को किसी वस्तु से तोड़ा जाए तो क्या होगा?
प्रश्न- शोक के इन टुकड़ों को और अधिक बारीक पीस दिया जाए तो क्या होगा?
प्रश्न- चाक के इन बारिक के कणों को क्या कहते हैं?
उत्तर- मेज कुर्सी चाक श्यामपट्ट आदि।
उत्तर- चाक के टुकड़े हो जाते है।
उत्तर- बारिक कणों बदल जाएंगे

उत्तर- समस्यात्मक


  उद्देश्य कथन:-
           आज हम अणु और परमाणु की संरचना का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

  ➤प्रस्तुतीकरण:-

शिक्षण बिन्दु
छात्राध्याप्क क्रियाएं
विधार्थी क्रियाएं
सहायक सामग्री
श्यामपट्ट सार
1. अणु-

















2. परमाणु-






















































 











3.परमाणु संरचना-



विकासात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. बताशे का स्वाद कैसा होता है
प्रश्न 2. बताशे को तोड़ने पर क्या होगा?
प्रश्न 3. बताशे के इन टुकड़ों का स्वाद कैसा होगा?
प्रश्न 4. बतासे और बताशे के टुकड़े के मीठा होने से आप क्या समझते हैं?
छात्राध्याप्क कथन-
बताशे को तोड़कर बताशे का छोटे से छोटा कण प्राप्त किया जा सकता है इस छोटे से छोटे कण को हम अनु कहते हैं।
अणु_पदार्थ का वह छोटे से छोटा करें जिसमें पदार्थ के सभी गुण मौजूद रहते हैं अनु कहलाता है।

विकासात्मक प्रश्न-

1. पदार्थ के छोटे से छोटे कण को क्या कहते हैं?
2. अनु को और अधिक छोटे टुकड़ों में तोड़ा जा सकता है या नहीं?

छात्राध्यापक कथन-
  पहले वैज्ञानिक अणु को ही पदार्थ का मूल कण मानते थे,आधुनिक उपकरणों से पता लगा है कि अणु भी  छोटे-छोटे कणों से मिलकर बना होता है इन्हें परमाणु कहते हैं।
परिभाषा- पदार्थ का छोटे से छोटा अविभाज्य कण परमाणु कहलाता है।

विकासात्मक प्रश्न-

1. परमाणु को कितने भागों में बांटा जा सकता है?
2. नाभिक में कौन कौन से कण उपस्थित होते हैं?
3. इलेक्ट्रॉन पर कौन सा आवेश होता है?
4. इलेक्ट्रॉन किसके चारों ओर चक्कर लगाता है?

छात्राध्यापक कथन-

परमाणु को संरचनात्मक रूप से दो भागों में बांटा गया है 
1.नाभिक 2.बाहरी भाग
नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं प्रोटॉन पर धनावेश वह न्यूट्रॉन उदासीन होता है बाहरी भाग में इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं जिन पर ऋण आवेश होता है इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर चक्कर लगाते हैं।



मीठा होता है।
बताशे के छोटे टुकड़े हो जाएंगे।

मीठे होंगे।



































निरुत्तर














 


छात्र ध्यानपूर्वक सुनकर तथ्य को समझेंगे




























 










अणु कहते हैं।















































 

निरुत्तर




































 


विद्यार्थी ध्यानपूर्वक सुनकर तथ्य को समझेंगे व नोट करेंगे।

 













दो भागों में 1.बाहरी भाग और 2.नाभिक प्रोटोन और न्यूट्रॉन

ऋण आवेश





 

समस्यात्मक




 




विद्यार्थी ध्यान पूर्वक सुनकर तथ्य को नोट करेंगे।












चार्ट,संकेतक

 लपेट फलक,


 मॉडल,


श्वेत वर्तिका

 एवं अन्य

कक्षा उपयोगी

सामग्री आदि।






अणु_पदार्थ का छोटे से छोटा कण जिसमे पदार्थ के सभी गुण मौजूद रहते हैं अणु कहलाता है।











परमाणु-पदार्थ का छोटे से छोटा अविभाज्य कण कहलाता है।












































परमाणु संरचना-परमाणु के दो भाग होते हैं
1. नाभिक
2.बाहरी भाग


v ➤मूल्यांकन प्रश्न-

1. पदार्थ का छोटे से छोटा कण कहलाता है?
    A अणु              B परमाणु                  C नाभिक।             D कोई नहीं 
2. पदार्थ का अविभाज्य कण कहलाता है?              अणु/परमाणु
3. इलेक्ट्रॉन पर .............आवेश होता है।
4. परमाणु का एक भाग नाभिक है तो दूसरा भाग ...............है।
5. अनु किसे कहते हैं?
6. परमाणु को कितने भागों में बांटा गया है नाम बताइए।

v ➤गृहकार्य प्रश्न-   1. परमाणु की संरचना का चित्र बनाईए।
                       2. अनु और परमाणु में अंतर स्पष्ट कीजिए।


पर्यवेक्षक टिप्पणी                                                        हस्ताक्षर पर्यवेक्षक

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