09 July 2018

आपके लिए ज्यादा कंप्यूटर पर बैठना कितना ख़तरनाक (Computer Related Health Problems)

Computer vision syndrome

   आज हम बात करेंगे की Computer पर बैठना आपके लिए कितना खतरनाक हो सकता है। Computer आपकी health के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है।

  भारत में 65 मिलियन लोग घर और ऑफिस में कम्प्यूटर का उपयोग अवश्य करते है। जैसे-जैसे कंप्यूटर यूजर्स की संख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे इससे होने वाली हेल्थ संबंधी समस्या बढ़ती जा रही है अगर आप कंप्यूटर पर लगातार चार पांच घंटे या इससे अधिक समय कंप्यूटर पर काम करते हैं तो आपको कहीं प्रकार की Health संबंधी प्रॉब्लम हो सकती है। computer अधिक समय तक उपयोग करने से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (Computer Vision syndrome) हो जाता है! कंप्यूटर विजन सिंड्रोम ( Computer Vision syndrome)मैं कई शारीरिक बीमारियां होती है जो निम्न है-

कंप्यूटर पर अधिक समय बिताने से कौन-कौन सी बीमारियां आपको अपना शिकार बना लेती है जो निम्न प्रकार है-

Computer Related Health Problems-

1. आंखों की बीमारियां Eye diseases-

        कंप्यूटर स्क्रीन से आने वाली तेज चमक आपकी आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है लगातार स्क्रीन की तरफ देखते रहने से आपकी आंखें सूज सकती है आंखें सूखने भी लगती है तथा आपको कई प्रकार के दृष्टि दोष भी हो सकते हैं। जैसे निकट दृष्टि दोष, दूर दृष्टि दोष आदि। इससे आपको computer vision की समस्या भी हो सकती है।
इनसे बचने के लिए आपको कंप्यूटर की ब्राइटनेस और कॉन्ट्रस्ट अपनी आंखों के अनुसार सेट करनी चाहिए। डिस्प्ले की चमक से बचने के लिए आप डिस्प्ले को झुका भी सकते हैं screen से थोड़ा दूर बैठे हैं और पलक झपकाते रहे। बीच-बीच में डिस्प्ले से नजर हटाकर दूर देखें तथा बीच में ब्रेक जरूर ले आंखों को ऊपर- नीचे, दाएं-बाएं घुमाये। इससे आपकी आंखों पर कंप्यूटर का प्रभाव कम होगा और आपकी आंखों की रोशनी बरकरार रहेगी।


2. मांसपेशियों में दर्द Muscular pain-


    लंबे समय व नियमित रूप से कंप्यूटर का उपयोग करने वालों को थकान और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत होती है इसमें हाथ, पैर, कंधे, पीठ back pain और सीने में दर्द शामिल है। यह सभी समस्याएं आपको तब होती है जब आप सही स्थिति में बैठकर काम नहीं करते। अगर आप इससे बचना चाहते हैं तो अपनी चेयर को इस तरह से सेट करें कि आपकी आपकी आंखों और स्क्रीन का लेवल सम्मान हो या स्क्रीन थोड़ी नीचे हो। आपकी कमर सीधी तथा आपके पैर फर्श से सटे हो। इसके अलावा आपकी कोहनी को पूरा सपोर्ट मिल सके ।काम की दौरान बीच-बीच में ब्रेक ले। कंप्यूटर पर लगातार कार्य करते रहने से हमारी पीठ,गर्दन ,कंधे में दर्द या उंगलियों में दर्द के साथ-साथ जकडन और सूजन हो सकती है। जब आप बार-बार माउस और टाइपिंग का काम करते हैं तो आपकी उंगलियों और कलाई पर ज्यादा जिगर पड़ता है जिसे उनमें दर्द हो जाता है। अगर आप कंप्यूटर पर कार्य करते समय झुके हुए रहते हैं तो आपकी कमर में हमेशा के लिए दर्द बना रहता है।

3. मोटापा बढ़ना Obesity-

     कंप्यूटर पर लंबे समय तक बैठे-बैठे कार्य करने से आप पर मोटापा हावी हो सकता है खासकर बच्चे इसके ज्यादा शिकार हो सकते हैं बच्चों का कंप्यूटर पर गेम खेलने का समय निश्चित करें उन्हें आउट डोर गेम खेलने के लिए प्रेरित करें ज्यादा समय तक उन्हें कंप्यूटर पर कार्य न करने दे। बड़े व्यक्ति ऑफिस में कंप्यूटर का कार्य करने के बाद घर पर कंप्यूटर का उपयोग कम करें ।ऑफिस में कंप्यूटर पर कार्य करते समय बीच-बीच में टहलने जरूर निकलें। तथा ऑफिस से निकलने के बाद पैदल चलें।

4. तनाव बढ़ता है Stress increases-

      लगातार और लंबे समय तक कंप्यूटर का उपयोग करते रहने से आप तनाव का भी शिकार हो सकते हैं ज्यादा उपयोग से आपमैं चिढ़चिढ़ापन आता आता है आप अपनी एकाग्रता खो सकते हैं चक्कर आ सकते हैं या फिर बहुत ज्यादा थकावट हो सकती है इससे पहले कि तनाव से स्वास्थ्य खराब हो आपको कंप्यूटर का इस्तेमाल कम कर देना चाहिए तथा साथ ही योगाभ्यास शुरू करना चाहिए। लाफ्टर योगा बेहतर विकल्प हो सकता है।
तनाव बढ़ने से आपमे क्रोध की भावना उत्पन्न होगी साथ ही तनाव के कारण आपकी नींद में भी बाधा उत्पन्न होगी।


ऐसे बचे इनसे-back pain treatment

     अगर गैजेट्स का उपयोग सावधानी से किया जाए तो इनसे आसानी से बचा जा सकता है तथा इसके साथ ही निम्न उपाय कर सकते हैं-
   ● कंप्यूटर या मोबाइल का प्रयोग करते समय आपकी आंखों का लेवल उसकी स्क्रीन के बराबर या नीचे हो।
   ●कंप्यूटर का प्रयोग अधिक समय तक करने के दौरान बीच-बीच में आंखों को झपकाते रहिए। जिससे आंखों की नमी बनी रहती है।
   ●कंप्यूटर पर कार्य करते समय बीच-बीच में दूर देखें।
   ●आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारते रहिए।
   ● कंप्यूटर पर कार्य करते समय अपनी कमर को सीधा रखने का प्रयास करें।
   ●कंप्यूटर पर काम के बाद टहलने जरूर निकले।
   ● हल्का-फुल्का व्यायाम करें।

तनाव को दूर कर सकता है ध्यान-

ध्यान से ब्रेन में गामा क्रियाऐ बढ़ जाती है और स्ट्रेस हार्मोन की रेस्पोंस क्षमता घट जाती है जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

ध्यान करने के फायदे-

ध्यान के जरिए सांस संबंधी संक्रमण की संभावना घट जाती है शरीर सुडौल और तेजोमय हो जाता है
ध्यान से मन के समस्त भ्र्म दूर हो जाते हैं और एकाग्रचित्तता बढ़ती है ध्यान से समस्या को समझने और निराकरण की शक्ति मिलती है।

ध्यान से उर्जा केंद्रित होती है मन और शरीर में शक्ति का संचार होता है।
मन विचारों का कारखाना है मन में सतत कल्पना और विचार चलते रहते हैं इससे मानसिक अशांति पैदा होती है।

नोट- कंप्यूटर का उपयोग अपनी आवश्यकता के अनुसार ही करें। 

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