पाठ योजना क्या है इसकी विशेषताएं व महत्व | Hindi lesson plan for School teachers, B.Ed, DELED, BTC, BSTC

Note :- किसी भी विषय/प्रकरण पर लेसन प्लान बनवाने के लिए सम्पर्क करें- [email protected]

 How to create a Teaching lesson plan in hindi
B.ed lesson plan formats 
in hindi  2022

 पाठ योजना क्या है  Effective Lesson Plan 2022

     अध्यापक एक पाठ पढ़ाने के लिए उसे छोटी इकाईयों में बांट लेता है। एक इकाई की विषय वस्तु को एक पीरियड में पढ़ाया जाता है । इस विषय वस्तु को पढ़ाने के लिए एक विस्तृत रूप रेखा तैयार की जाती है। जिसे पाठ योजना कहा जाता है।

पाठ योजना से जुड़े प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए गयें है -

 1.लेसन प्लान को हिंदी में क्या कहते हैं?

 ↪लेसन प्लान को हिन्दी में पाठ योजना कहते है

 2.पाठ योजना क्या है?

 ↪कक्षा में जाने से पूर्व अध्यापक के द्वारा पढाये जाने वाले पाठ के प्रकरण पर बनाई गई शिक्षण सामग्री जो  बच्चों के पूर्व ज्ञान पर आधारित हो  पाठ योजना या लेसन प्लान होता है

 3.पाठ योजना कैसे तैयार की जाती है/ पाठ योजना कैसे बनाई जाती है? How to lesson plan prepared?

कुछ चरणों में पाठ योजना तैयार की जाती है -
 शिक्षण उद्देश्य को ध्यान में रखा जाता है 
 प्रस्तावना प्रशन तैयार किये जाते है 
  शिक्षण बिंदु चुने जाते है 
  विकासात्मक प्रश्नों के साथ पाठ का विकास किया जाता है
  पाठ के अंत में मूल्यांकन प्रश्न पूछे जाते है 
  अंत में ग्रहकार्य दिया जाता है 

 4.वार्षिक पाठ योजना कैसे बनाएं?

 5.पाठ योजना विधि के जनक कौन है? 

  शिक्षाशास्त्री हरबर्ट थे

6.प्रस्तावना प्रश्न क्यों पूछे जाते हैं?

  प्रस्तावना प्रश्न का उद्देश्य छात्रों को  प्रकरण से जोड़ना होता है यह प्रश्न छात्रो के पूर्व ज्ञान पर आधारित होते है जो  प्रकरण में रूचि उत्त्पन करते है

 7.पाठ योजना किसकी देन है?

  ↪ मॉरीसन ने 1926 में पाठ योजना के निर्माण हेतु इस उपागम को प्रस्तुत किया।

 8.आप एक प्रभावी पाठ योजना कैसे बनाते हैं?

  ↪ इसके लिए यह पोस्ट अंत तक पढ़े

 9.पाठ योजना एवं इकाई योजना में क्या अंतर है?

  इसके लिए यह देखें lesson plan in hindi
hindi lesson plans for teachers pdf

लेसन प्लान क्या है (what is Teaching lesson plan in hindi for B.Ed)

       सिम्पसन के अनुसार पाठ योजना में शिक्षक अपनी विशेष सामग्री और छात्रों के बारे में जो कुछ भी जानता है उन बातों का प्रयोग सूव्यवस्थित ढंग से करता है।  बीएड लेसन प्लान कैसे बनाये

जब आप B.Ed या बीएसटीसी कर रहे होते हैं तो उस समय प्रशिक्षण के लिए स्कूल में इंटर्शिप करवाई जाती है।
वर्तमान में प्रशिक्षण हेतु इंटरशिप गवर्नमेंट स्कूल्स में लगाई जाती है। इंटर्नशिप के दौरान आपको क्लास में टीचिंग कार्य करवाना होता है। इस टीचिंग कार्य को अच्छे रूप से करवाने के लिए छात्राध्यापक को पहले पाठ की योजना बनानी होती है। बीएड  का लेसन प्लान कैसे बनाये

लेसन प्लान को हिन्दी में पाठ योजना के नाम से जाना जाता है।

B.Ed में लेसन प्लान कैसे बनाया जाता है कि पूरी जानकारी यहां बताई गई हैं।


Hindi lesson plans for teachers pdf

➤पाठ योजना की परिभाषाये -(Definition of Teaching lesson plan in hindi ):-

नेल्सन वासिंग के अनुसार- “शिक्षण पाठ-योजना उस कथन का शीर्षक हैं जिसमें घंटें के समय में कक्षा-क्रियाओं द्वारा प्राप्त करने वाली उपलब्धियों और विशिष्ट साधनों का उल्लेख होता हैं.”

बॉसिंग के अनुसार- “पाठ-योजना से अभिप्राय उपलब्धियों की प्राप्ति के लिए उन विशिष्ट साधनों का वर्णन हैं जिनके द्वारा वे उपलब्धियों एक निश्चित समय में की गयी क्रियाओं के परिणामस्वरूप प्राप्त की जाती हैं.”

बिनिंग तथा बिनिंग के अनुसार- “दैनिक पाठ-योजना के निर्माण में उद्देश्यों को परिभाषित करना, पाठ्य-वस्तु का चयन करना क्रमबद्ध करना तथा प्रस्तुतिकरण की विधियों का निर्णय करना प्रमुख हैं.”

➤पाठ योजना की आवश्यकता Teaching Lesson plan requirement-

      शिक्षक के लिए पाठ योजना निर्माण उतना ही आवश्यक है जितना एक अभियंता को भवन निर्माण के लिए मानचित्र या ब्लूप्रिंट का होना आवश्यक है। कक्षा में सफल एवं प्रभावी शिक्षण हेतु पाठ योजना अत्यंत आवश्यक है शिक्षण की प्रक्रिया में पाठ योजना की आवश्यकता के निम्न कारण है।
1.पाठ योजना में विशिष्ट उद्देश्य लेखन कक्षा शिक्षण को दिशा प्रदान करते हैं।
2. यह कक्षा नियंत्रण तथा प्रेरणा एम व्यक्तिगत विभिन्नता की आधार पर शिक्षण प्रक्रिया के नियोजन में सहायता प्रदान करती है। बीएड  का लेसन प्लान कैसे बनाते है

3. इससे बालको को पूरा ज्ञान होता है जिस पर आदमी शिक्षण आधारित होता है जिससे छात्र नवीन ज्ञान का निर्माण करते हैं।
4. किसी पाठ्य वस्तु के दैनिक शिक्षको सफलता एवं प्रभावी रूप प्रदान करने हेतु पाठ योजना सहायक है
5. इससे विषय वस्तु का चंद्रमा अनुसार तथा व्यवस्थित होता है एवं प्रभावशाली संगठन होता है।
6. इसकी माध्यम से शिक्षक शैक्षिक लक्ष्य तथा प्रक्रियाओं का नियमन संपूर्ण लक्ष्यों तथा क्रियाओं के रूप में तैयार करता है।
7. चिंतन में क्रमबद्ध ता एवं विकास की लिए यह आवश्यक है।
8. यह अध्यापक के लिए पथ प्रदर्शक एवं मित्र का कार्य करती है।
9. पार्टी योजना शिक्षक को आवश्यकता अनुसार समय विभाजन और प्रयोग के लिए अवसर देती है।
10. पाठ योजना की मध्यम शिक्षा में शिक्षण की क्रियाओं तथा सहायक सामग्री की पूर्ण जानकारी हो जाती है।

➤पाठ योजना के उद्देश्य Objects of Lesson plan in hindi -

    पाठ योजना के उद्देश्य निम्न प्रकार से हैं-
1. कक्षा में शिक्षण की क्रियाओं तथा सहायक सामग्री की पूर्ण जानकारी कराना।
2. निर्धारित पाठ्य वस्तु के सभी तत्वों का विवेचन करना।
3. प्रस्तुतीकरण के क्रम तथा पाठ्य वस्तु के रूप में निश्चितता की जानकारी कराना।
4. कक्षा शिक्षण की समय शिक्षक के विस्मृति की संभावना कम होना।
5. शिक्षण अधिगम, सहायक सामग्री के प्रयोग के स्थल,शिक्षण विधि तथा प्रविधियों का निर्धारण करना।

➤पाठ योजना की रुपरेखा/चरण (Structure of Lesson Plan) for B.Ed and STC-

     Lesson plan निर्माण हेतु शिक्षक के समक्ष निश्चित लक्ष्य रहता है तथा इसी आधार पर शिक्षक किसी कक्षा में पाठों को प्रस्तुत कर सकता है पाठ योजना की रुपरेखा हर परपस प्रणाली के आधार पर निम्न प्रकार से तैयार की जा सकती है।

1. सामान्य सूचना-
         इसमें पढ़ाई जाने वाले पाठ का शीर्षक, कक्षा, कलांश,अवधि,विषय, प्रकरण, दिनांक,आदी को शामिल किया जाना चाहिए। जिस विद्यालय में शिक्षण किया जाना है उसका नाम भी अवश्य लिखना चाहिए। lesson plan in hindi pdf

2. सामान्य उद्देश्य-
         लेखन प्रथम बिंदु की आधार पर सामान्य उद्देश्य को निर्धारित किया जाता है भाषा रसायन विज्ञान गणित हिंदी सामाजिक अध्ययन विषयों के सामान्य उद्देश्य भिन्न-भिन्न होते हैं।
 
3. विशिष्ट उद्देश्य-
          पाठ विशेष को पढ़ाने में जिस उद्देश्य की प्राप्ति होती है वह लिखना चाहिए। विशिष्ट उद्देश्य सामान्य उद्देश्यों पर आधारित होते हैं परंतु उद्देश्य प्रकरण से संबंधित होता है।

4. शिक्षण सहायक सामग्री-
            पाठ पढ़ाने में किस प्रकार की अधिगम सामग्री की आवश्यकता पड़ती है उसका उल्लेख करना चाहिए जैसे-श्वेत वर्तिका,श्यामपट,चार्ट, मॉडल इत्यादि।

5 पूर्वज्ञान-
           इसमें बालक को पांच से संबंधित जो ज्ञान पहले से ही है जिसकी आधार पर पाठ को प्रस्तावित करना है पूर्व ज्ञान के आधार पर पाठ का प्रारंभ होता है।

6. प्रस्तावना-
          पूर्व ज्ञान के आधार पर शिक्षक प्रश्नों या चार्ट के द्वारा पाठ को प्रस्तावित करता है प्रस्तावना का अंतिम प्रश्न समस्यात्मक होता है।

7. प्रस्तुतिकरण-
            Lesson plan के इस भाग में छात्रों के सम्मुख नवीन ज्ञान प्रस्तुत किया जाता है इसके लिए प्रस्तुत दो भागों में विभक्त कर दिया जाता है एक भाग में अध्ययन स्थितियॉ एवं दूसरे भाग में अध्ययन बिंदु लिखते हैं ।शिक्षक विभिन्न शिक्षण पद्धति,विभिन्न प्रविधियों दृश्य श्रव्य विधियों का प्रयोग करता है। विषय वस्तु को एक या दो  सोपानो में प्रस्तुत किया जा सकता है।

8. बोध प्रश्न-
        शिक्षक पढाये गए पाठ में से प्रश्न पूछता है जो बोध प्रश्न कहलाते हैं।

9. श्याम पट कार्य-
        शिक्षक द्वारा पढाये गए  प्रयोग आदि के आधार पर निष्कर्ष निकलवाता है अध्यापक को ऐसा प्रयास करना चाहिए कि बालक स्वयं ही निष्कर्ष निकाले जब छात्र श्याम पट सारांश की नकल करते हैं तथा शिक्षक कक्षा निरीक्षण करता है।

10. मूल्यांकन-
           अध्यापक द्वारा पढ़ाये गए पाठ में से ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिससे यह ज्ञात होता है कि बालको ने कहा तक नवीन ज्ञान अर्जित किया है। 
11. गृह कार्य-
          पाठ के अंत में बालक को पाठ से संबंधित कुछ कार्य घर के लिए देना चाहिए इसकी जांच अगले दिन की जानी चाहिए इससे छात्र अर्जित ज्ञान का प्रयोग करना सीखते हैं।

➤पाठ योजना बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें- how to create Lesson plan in hindi

      शिक्षण की कुशलता वह सफलता बहुत कुछ पाठ योजना के निर्माण पर निर्भर करती है अतः पाठ योजना बनाते समय निम्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

1. विद्यार्थियों की शारीरिक व मानसिक योग्यता व क्षमताओं को जान लेना चाहिए।
2. पाठ योजना निर्माण में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन की जाने हेतु स्थान होना चाहिए।
3. पाठ योजना बनाने से पहले विषय का गहन ज्ञान होना चाहिए।
4. पाठ योजना बनाते समय कक्षा-स्तर का ज्ञान अवश्य होना चाहिए।
5. एक अच्छी पाठ योजना बनाने के लिए शिक्षक को अपने विषय की गहन जानकारी की साथ अन्य सभी विषयों का सामान्य ज्ञान होना चाहिए।
6. प्रकरण को एक या अधिक सोपानों में विभाजित करना चाहिए।
7. सोपानो हेतु शिक्षण विधि या नीति का चयन करना चाहिए।
8. पाठ योजना में उद्देश्यों को सावधानीपूर्वक स्पष्ट रुप से लिखना चाहिए।
9. पाठ योजना का निर्माण करते समय शिक्षक को समय का पूरा पूरा ध्यान रखना चाहिए।
10. शिक्षण सिद्धांतो,शिक्षण सूत्रों तथा शिक्षा विधियों का पूरा ज्ञान होना चाहिए।
11. पाठ के लिए आवश्यक सामग्री का निर्धारण तथा इसके प्रयोग को सुनिश्चित कर लेना चाहिए।
12. विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान की जानकारी शिक्षको होनी चाहिए।

➤एक प्रभावी पाठ योजना की विशेषताएं Features of  Effective Lesson Plan for Teaching-

1. प्रभावी पाठ योजना एक कक्षा में प्रयोग में आने वाली क्रिया की प्रस्तावित रुपरेखा है।
2. कक्षा में पाठ योजना विधिवत लिखित रूप में होनी चाहिए।
3. पाठ योजना किसी न किसी उद्देश्य तथा उद्देश्यों पर आधारित होनी चाहिए।
4. पाठ योजना में प्रयुक्त होने वाली शिक्षण सहायक सामग्री का उल्लेख करना चाहिए जैस-े चार्ट,मॉडल ,मानचित्र,फिल्म स्ट्रिप,स्लाइड आदि।
5. आदर्श पाठ योजना विद्यार्थियों की पूर्व ज्ञान पर आधारित होनी चाहिए।
6. पाठ आधुनिक विषय वस्तु होती है जो शिक्षण बिंदु या संप्रत्ययों के रूप में लिखी जाती है।
7. पाठ को उचित सोपान में विभाजित कर देना चाहिए।
8. पाठ योजना में भाषा की सरलता स्पष्टता होनी चाहिए।
9. पाठ के लिए उपयुक्त शिक्षण विधि के प्रयोग की और संकेत किया जाना चाहिए।
10.विषय वस्तु का यथासंभव दूसरे विषय से समन्वय स्थापित होना चाहिए।
11. यथास्थान उदाहरणो का प्रयोग किया हुआ होना चाहिए।
12. व्यक्तिगत विभिन्नताओ केआधार पर शिक्षण देने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
13. विकासात्मक तथा  विचारात्मक प्रश्नों का प्रयोग करना चाहिए।
14. पाठ की अवधि,कक्षा का स्तर,विषय वस्तु, प्रकरण आदि सामान्य सूचनाओं का उल्लेख किया जाना चाहिए।
15. श्याम पट सारांश पाठ की विकास के साथ-साथ प्रयोग होना चाहिए।
16. गृहकार्य की व्यवस्था होनी चाहिए।

पाठ योजना बनाने की आवश्यकता-

किसी भी विषय के शिक्षण को सफल बनाने के लिए पाठ योजना बनाने की निम्नलिखित कारणों से आवश्यकता होती है-
1. पाठ योजना (Lesson plan) शिक्षक के लिए पथ प्रदर्शक का कार्य करती है।
2.पाठ योजना सहायक सामग्री के विषय में सोचने तथा प्रयोग करने को प्रोत्साहित करती है।
3.पाठ योजना शिक्षण प्रक्रिया के नियोजन में सहायता करती है।
4.पाठ योजना (TeachingLesson plan)के द्वारा प्रस्तुतीकरण के कर्म तथा पाठ्यवस्तु के रूप को निश्चित कर लिया जाता है
5.पाठ योजना अध्यापक को उचित शिक्षण विधि का चयन करने में सुविधा प्रदान करती है।
6.पाठ योजना से शिक्षक को सफल शिक्षण के लिए पूर्व विचार एवं चिंतन का अवसर मिलता है
7.शिक्षक पाठ योजना के द्वारा पाठ की सामग्री को संगठित एवं सुव्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने में समर्थ होता है।
8.पाठ योजना तैयार करने से यह ज्ञात हो जाता है कि शिक्षक का शिक्षण सफल हुआ या नहीं।
9.पाठ योजना में शिक्षक द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों का पहले से ही निर्धारण कर लिया जाता है।
10.पाठ योजना के द्वारा शिक्षक अपने शिक्षण का मूल्यांकन सरलता से कर लेता है।
11.लेसन प्लान(Lesson plan) के द्वारा शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन जाती है।
12.लेसन प्लान के द्वारा छात्रों की क्रियाओं के नियंत्रण तथा पुनर्बलन की पूर्व विधियों के प्रयोग की परिस्थितियां भी निर्धारित की जाती है।
13.लेसन प्लान के द्वारा शिक्षक में आत्मविश्वास उत्पन्न होता है।
14.चिंतन में यथार्थता एवं स्पष्टता लाने के उद्देश्य से लेसन प्लान अत्यंत आवश्यक है।
15.लेसन प्लान के द्वारा शिक्षण मनोवैज्ञानिक विधि द्वारा करवाया जाता है अतः छात्रों को स्थाई ज्ञान की प्राप्ति होती है।
 
➤एक अच्छी पाठ योजना का प्रारुप (lesson plan template/Format )नीचे दिया गया है जिसके आधार पर आप एक पाठ योजना का निर्माण कर सकते हैं।
Micro teaching Lesson plan for Science  इस प्रकार से तैयार किया जाता है।

 How to make a lesson plan of B.Ed 

lesson plans for teachers pdf Format 2022

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लेसन प्लान  का अर्थ व  परिभाषा
नोट:-इस प्रकार के lesson plan formats का उपयोग विज्ञान शिक्षण,भूगोल शिक्षण, रसायन शिक्षण, जीव विज्ञान शिक्षण, भौतिकी शिक्षण, गणित शिक्षण व social studies lesson plans आदि में किया जाता है। 

25 फिजिक्स लेसन प्लान देखें 

20 केमिस्ट्री लेसन प्लान बुक देखें

20 बायोलॉजी लेसन प्लान बुक देखें

20 साइंस लेसन प्लान बुक देखें

20 नागरिक शास्त्र लेसन प्लान बुक देखें  

20 अर्थशास्त्र  लेसन प्लान देखें

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