23 September 2017

मालिश से बनाइए अपने शरीर को स्वस्थ सुडौल व ताकतवर-Make your body healthy by being healthy and powerful

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जिस तरह से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन व योगा आवश्यक है उसी तरह शरीर की मालिश भी स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है। मालिक से मांसपेशियों को नया जीवन मिलता है तथा शरीर पुष्ट होता है यही कारण है कि जन्म के बाद से ही शिशुओं व स्त्रियों की मालिश की जाती है।
मोटे व्यक्ति अगर रोज मालिश करें तो उन की चर्बी घटने लगती है।

मालिश के लिए उपयोगी सामग्री-Useful stuff for massage-
   ★मालिश के लिए सरसों का तेल,जैतून का तेल, नारियल का तेल,बादाम का तेल व तिलों का तेल आवश्यक है तेल ताजा व  शुद्ध होना चाहिए।
   ★ मालिश करने से पहले रोजाना तेल को थोड़ा गर्म करके ही प्रयोग करें ऐसा करने से तेल शरीर में अच्छी तरह से सोख लेता है और बढ़िया फायदा मिलता है।

मालिश किसके लिए व क्यों आवश्यक है-Massage for whom and why it is necessary-
● शरीर से कमजोर व दुबले पतले लोगों के लिए तेल मालिश बहुत ही लाभदायक रहती है।
● चर्बी कम करने या मोटापा घटाने में सुखी मालिक व ठंडी मालिक से अधिक लाभ होता है जोड़ों में दर्द पीठ दर्द टांगों में दर्द वह बच्चों के पोलियो आदि में गर्म मालिक बहुत लाभदायक है।
● थकान दूर करने के लिए सूखी मालिश तेल मालिश से करवानी चाहिए किसी रोग विशेष में उस अंग की मालिश करने का लाभ होता है जैसे-ब्रोकटाइस में छाती और पेट की कब्ज में पेट की ,सिर दर्द में सिर की और साइटिका में टांगो की मालिश करने से रोगी को बहुत अधिक लाभ होता है।
● तनाव और डिप्रेशन को दूर करने के लिए एरोमा थेरेपी से मालिश की जाती है इसमें विशेष प्रकार के तेलों का उपयोग किया जाता है जो नसों में नाडीयों की निर्जीवता को दूर करके मन और मस्तिष्क को आराम देता है।
● पहलवान लोग सरसों के तेल की मालिश कर सकते हैं।
● अलग-अलग समस्याओं में अलग-अलग तरह की मालिश की जाती है जो नीचे है-
 तेल मालिश oil malish
 सुखी मालिश dry malish
 ठंडी मालिश cool malish
 पाउडर से मालिश powder malish
 एरोमा थेरेपी मालिश Aroma therapy massage

मालिश करते समय कुछ सावधानियां रखना भी बहुत जरुरी है।


सावधानियां Precautions-
● मालिश करते टाइम शरीर की हड्डियों को जोर से न दबाएं।
● शरीर में कहीं चोट लगी हो तो वहां पर मालिश ना करें।
● रीड की हड्डी पर सीधे मालिश ना करें इसके दाए- बाए ही मालिश करें।
● मालिश करते समय जरूरत के अनुसार ही वस्त्र पहने।
● गर्भवती स्त्री के पेट पर मालिश ना करें।
● बच्चों बुजुर्गों वह कमजोर व्यक्तियों की मालिश सदैव हल्के,व ढीले-डाले हाथों से करनी चाहिए।
● मालिश करने के बाद कम से कम आधे घंटे तक कुछ ना करें ताकि शरीर तेल को सोख ले। उसके बाद आसानी से स्नान कर ले।
● मालिश करते समय तेल को गर्म करके ठंडा कर लें उसके बाद ही उपयोग में लें।
● मालिश करवाते समय धीमी आवाज में संगीत सुनते रहे।
● किसी बीमारी विशेष में किसी विशेषज्ञ से ही मालिश करवाएं,तो अधिक लाभ मिलता है।यह सब जानने के बाद स्वस्थ और फिट रहने के लिए, रिलैक्स करने के लिए मालिश पद्धति को आवश्यक अपनाएं।

मालिश करने से क्या-क्या लाभ हो सकते हैं।

मालिश के लाभ-The benefits of massage-
● मालिश करवाना शेर रक्त का प्रवाह है ठीक से होता है जिससे शरीर के विकार बाहर निकल जाते हैं।
● मालिश से त्वचा और मांसपेशियां हष्ट पुष्ट होती है
● मालिश शरीर के जोड़ों को लचीला बनाती है वह विभिन्न अंगों में सुधार लाती है।
● मालिश से पाचक अंग अपना काम सुचारु रुप से करवाते हैं जैसे-आमाशय वह छोटी आंत आदि में उत्तेजना मिलती है।
● मालिश से नाड़ी संस्थान को उत्तेजना मिलती है जिससे शरीर की अन्य क्रियाओं का संचालन भी भलीभांति रुप से होता रहता है।
● मालिश चर्बी को गलाने में भी सहायक होती है
● मालिश से त्वचा के छिद्र खुलते हैं व त्वचा हष्ट पुष्ट रहती है।
● मालिश से मांसपेशियां सुगठित व सुदृढ़ हो जाती है जिससे शरीर में लचीलापन वह फुर्ती बढ़ जाती है।
● मालिश से शारीरिक गठन में मजबूती आती है। और शरीर का विकास अच्छी तरह से होता है।
● अधिक कमजोर व्यक्ति जो व्याम नहीं कर सकते उन्हें मालिश के द्वारा उनके स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाया जा सकता है।
● मालिश से शरीर के विकार निकालने वाले अंगों जैसे-फेफड़ों,बड़ी आंत,गुर्दे, त्वचा, आदि को भी बल मिलता है इससे विकार शरीर में संचित नहीं हो पाते और तेजी से बाहर निकलते हैं।


● कमर दर्द होने पर सरसों के तेल में थोड़ी हींग, अजवाइन और लहसुन की कलियां मिला कर गर्म करें फिर उसे कमर पर लगाएं कमर दर्द कम होने के साथ दोबारा होने की आशंका भी नहीं होगी।
● सरसों के तेल से मालिश करने पर यह शरीर का सौंदर्य भी निखारता है तथा साथ ही चेहरा भी चमकदार हो जाता है।


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