भूगोल पाठ योजना ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोत B.Ed social studies lesson plans

लेसन प्लान इन हिंदी,

पाठ योजना बी.एड. सामाजिक विज्ञान

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विद्यालय का नाम- विवेकानंद शिक्षण संस्थान सीकर,राजस्थान
दिनांक- 29-11--2017                                                कक्षा-8   
वर्ग- C                                                                     कालांश-3
विषय-भूगोल                                                            समय अवधि-45 मिनट

प्रकरण-ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोत
(non-conventional sources of energy)



शिक्षण उद्देश्य-


उद्देश्य
अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
1.ज्ञानात्मक
1. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे।
2. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों का प्रत्यभिज्ञान कर सकेंगे।
2.अवबोध
1. छात्र ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों की व्याख्या कर सकेंगे।
2. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों का तुलनात्मक अध्ययन कर सकेंगे।
3.अनुप्रयोगात्मक
1. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के बारे में प्राप्त ज्ञान का प्रयोग नवीन अधिगम परिस्थितियों में कर सकेंगे।
2. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के बारे में प्राप्त ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन में कर सकेंगे।
4.कोशल
1. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों से संबंधित तथ्यों व आंकड़ों का चार्ट बना सकेंगे।
2. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के बारे में प्राप्त ज्ञान को परस्पर साझा कर सकेंगे।
5.अभिरुचि
1. छात्रों में ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने की अभिरुचि का विकास हो सकेगा।
2. विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के अध्ययन के माध्यम से भूगोल विषय में अधिक रुचि ले सकेंगे।
6. अभिवृत्ति
1. विद्यार्थी में ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के महत्व व उपयोगिता के प्रति अभिवृत्ति का विकास हो सकेगा।
2. विद्यार्थियों में ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास हो सकेगा।












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आवश्यक सामग्री:-
  श्वेत वर्तिका (चाक), लपेट-फलक,संकेतक, चार्ट व अन्य कक्षा उपयोगी सामग्री आदि।
ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोत को प्रदर्शित करता हुआ चार्ट।

 शिक्षण बिन्दु:-
           1. सौर ऊर्जा 2.पवन ऊर्जा 3.परमाणु ऊर्जा

शिक्षण विधि-
                     व्याख्यान विधि और प्रश्नोत्तर विधि।
 पूर्व ज्ञान:-
          विद्यार्थी ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
      प्रस्तावना:-

क्र..
छात्राध्याप्क क्रियाएं
विधार्थी क्रियाएं
1.
परिवहन के साधनों में ईंधन के रूप में क्या प्रयोग होता है?
    डीजल, पेट्रोल आदि
2.
बांध बनाकर जल संसाधन का क्या उपयोग होता है?
   सिंचाई व बिजली निर्माण
3.
पेट्रोलियम व जल ऊर्जा के कैसे संसाधन है?
   परंपरागत स्रोत
4.
ऊर्जा के ऐसे स्रोत जो अब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुए, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं?
   गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोत
5.
गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के बारे में आप क्या जानते हैं?
   समस्यात्मक
     उद्देश्य कथन:-
                    अच्छा तो छात्रों आज हम ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।

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     प्रस्तुतीकरण:-
शिक्षण बिन्दु
छात्राध्याप्क क्रियाएं
विधार्थी क्रियाएं
सहायक सामग्री
श्यामपट्ट सार
1. सौर ऊर्जा -
विकासात्मक प्रश्न-
 1. सूर्य से क्या मिलती है?
 2. प्रकाश एवं ऊर्जा किसके स्रोत हैं?
 3. सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को क्या कहते हैं ?
 4.सौर ऊर्जा संसाधन के बारे में आप क्या जानते हैं?

प्रकाश और ऊष्मा
ऊर्जा के 

सौर ऊर्जा


निरुत्तर



छात्राध्याप्क कथन-
  ऐसे स्थानों पर जहां सूर्य की रोशनी तथा उस में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होती है। वहां सौर ऊर्जा का उपयोग विद्युत निर्माण में किया जा सकता है। मुख्यतः उष्णकटिबंधीय देश में जैसे भारत में जहां सूर्य की किरणें वर्षपर्यंत मिलती है। बिजली के अलावा इसका उपयोग सौर कुकर के सौर तापक इत्यादि के रूप में भी किया जा सकता है।
     पश्चिमी राजस्थान जहां आसमान साफ रहता है तथा सूर्य की किरणें वर्षपर्यंत उपलब्ध रहती है सौर ऊर्जा की विकास की अच्छी संभावना है यहां वर्तमान में कई सौर ऊर्जा आधारित पावर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

बोध प्रश्न-
1. सौर ऊर्जा किसे कहते हैं?2.बिजली के अलावा और सौर ऊर्जा का क्या उपयोग है?









विद्यार्थी तथ्य को ध्यानपूर्वक सुन कर अभ्यास पुस्तिका में नोट करेंगे।











 सूर्य से प्राप्त ऊर्जा को

सौर कुकर के रूप में










लपेट फलक चार्ट श्वेत वर्तिका झाड़न संकेतक आदि कक्षा उपयोगी सामग्री।





सौर ऊर्जा मुख्यता उष्णकटिबंधीय देशों में उपयोग की जाती है।








 पश्चिमी राजस्थान में इसका अच्छा उपयोग किया जा सकता है।
2. पवन ऊर्जा
विकासात्मक प्रश्न-
1. ऊर्जा प्राप्ति का अन्य स्रोत कौन सा है?
2.पवन की क्या भूमिका है?
3.ऐसे पंखे कहां मिलते हैं?
4. हवा द्वारा उत्पन्न ऊर्जा को क्या कहते हैं?

पवन या हवा
पवन बल से पवन चक्की घूमने लगता है
पश्चिमी राजस्थान में 

पवन ऊर्जा



छात्राध्याप्क कथन-
  सौर ऊर्जा की तरह पवन ऊर्जा भी एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है पवन चक्कियों की सहायता से बहती हवा का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है।
     पश्चिमी राजस्थान में पवन चकिया स्थापित की गई है जो बिजली उत्पादन में सलंग्न है।
     जैसलमेर में प्रतापगढ़ में पवन ऊर्जा के विकास की प्रबल संभावना है पवन ऊर्जा के उत्पादन के लिए ऊंचाई वाले स्थानों पर व तीव्र वेग से हवा चलने वाले स्थानों पर ऊंची पंख दार पवन चक्कियां लगाकर टरबाइनों के द्वारा विद्युत उत्पादन किया जाता है।







विद्यार्थी तथ्य को ध्यानपूर्वक सुनकर समझेंगे।







लपेट फलक चार्ट श्वेत वर्तिका झाड़न संकेतक आदि कक्षा उपयोगी सामग्री।




पवन ऊर्जा नवीकरणीय संसाधन है।





ऊंचाई व तीव्र हवा वाले क्षेत्रों में प्रबल संभावना।
3. परमाणु ऊर्जा
विकासात्मक प्रश्न-
1.पदार्थ का सबसे छोटा कण क्या कहलाता है?
2. परमाणु में क्या निहित रहता है?
3. परमाणु संसाधनों द्वारा उत्पन्न ऊर्जा क्या कहलाती है?

परमाणु


 ऊर्जा

 परमाणु ऊर्जा



छात्राध्याप्क कथन-
   यूरेनियम तथा थोरियम रेडियो सक्रिय खनिज है।
  भारत में यूरेनियम प्रमुख रुप से राजस्थान तथा झारखंड में मिलता है। साथ ही केरल की मोनाजाइट मिट्टी में भी थोरियम उपलब्ध है।
  राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। किसी भी क्षेत्र का विकास वहां पाए जाने वाले खनिज तथा ऊर्जा संसाधनों पर भी निर्भर करता है।
खनिज तथा खनन के लिए न केवल रोजगार के लिए अवसर पैदा करती है। बल्कि वह उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराकर औद्योगिक प्रश्न भूमि को भी सहारा देती है ऊर्जा के संसाधनों में समुचित दोहन एवं विकास के द्वारा ही विकास की प्रक्रिया को एक नई दिशा प्रदान की जा सकती है।
बोध प्रश्न
1. कौन से पदार्थ रेडियो सक्रिय है?
2. भारत में यूरेनियम के प्रमुख उत्पादक राज्य कौन कौन से हैं?








विद्यार्थी तथ्य को ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा तथ्य को अभ्यास पुस्तिका में नोट करेंगे।


















यूरेनियम तथा रेडियम।


राजस्थान व झारखंड













लपेट फलक चार्ट श्वेत वर्तिका झाड़न संकेतक आदि कक्षा उपयोगी सामग्री।








राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।

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मूल्यांकन प्रश्न-
         
             1. राजस्थान के _________एवं _________मैं पवन ऊर्जा के विकास की प्रबल संभावना है।
             2. राजस्थान के_________जिले के__________ में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
             3. सौर ऊर्जा का उपयोग मुख्यतः किन देशों में किया जाता है?
             4. पवन चक्की की क्या करती है?

गृहकार्य प्रश्न-
              1.ऊर्जा के प्रमुख और गैर परंपरागत स्रोतों के बारे में संक्षिप्त वर्णन कीजिए?

     पर्यवेक्षक टिप्पणी                                                             हस्ताक्षर पर्यवेक्षक




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