20 April 2018

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग क्या है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लाभ video conferencing in hindi

वीडियो कांफ्रेंसिंग (video conferencing)-

                   वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा दो या दो से अधिक व्यक्ति विश्व के किसी भी भाग में बैठकर audio-video रूप में आपस में अन्तः क्रिया कर सकते है।वे एक दूसरे से आसानी से बातचीत कर सकते है।
        वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग कम्युनिकेशन की एक आधुनिक एवं नई टेक्नोलोजी है।इसमें कई दूर सम्प्रेषण तकनीकियों का उपयोग किया जाता है।
       वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग अन्य दूर सम्प्रेषण विधियों से अलग है क्योंकि जहाँ दूर सम्प्रेषण तकनीको में केवल ध्वनि को ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर संचारित किया जाता है वहाँ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से  आवाज के साथ चित्र भी दिखाई देते है।
वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में ऐसा लगता है कि जैसे दो व्यक्ति आमने सामने बैठकर ही बाते कर रहे है।
Videoconferencing वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग       



वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के लाभ-(Benefit of Video conferencing)-

वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के मुख्य लाभ निम्न है।
1.टेली सेमिनार (Tele seminars)- टेली सेमिनारों का आयोजन वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग द्वारा आसानी से किया जा सकता है।इनमें छात्र एवं विशेषज्ञ अपने घर या कार्य स्थल पर रहते हुए ही भाग ले सकते है ।

2.टीचर'स Conference- इस तकनीक से विश्व के किसी भी स्थान से अध्यापको के मध्य सम्प्रेषण,संगोष्ठी और चर्चाओं का आयोजन किया जा सकता है।

3.दूरस्थ छात्रों से संपर्क- वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित छात्र आपस में तथा अध्यापकों से भी आसानी से सम्प्रेषण कर सकते है।अन्य देशों में भी संपर्क कर सकते है।
छात्र अपनी बनाई हुई कलाकृतियों ,शिक्षण नमूनों आदि को दूसरे छात्रों को दिखा सकते है।

4.ई लर्निंग (E-Learning)- वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग का प्रयोग ई लर्निंग में भी सफलतापूर्वक किया जा सकता है।वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा ई लर्निंग के छात्र आपस में सम्प्रेषण भी कर सकते है।तथा शिक्षकों व विशेषज्ञ से वार्तालाप भी कर सकते है।

5.विशेषज्ञ की सहायता(Help From Experts)- सीखने की प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अलग-अलग समस्याओ का सामना करना पड़ता है।ऐसी अवस्था में वे वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग द्वारा विशेषज्ञ से संपर्क बना सकते है।


6.अतिथि व्याख्यान (Guest Lectures)-वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग द्वारा दूसरे संस्थानों से अच्छे guest teachers का व्यख्यान छात्रों के समक्ष प्रस्तुत करवाया जाता है।

7.छुट्टियों में अध्ययन(Study during Vacations)-शैक्षिक सत्र के दौरान छात्र गर्मियों एवं सर्दियों की छुट्टियों में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग से अपने अध्यापको से सम्पर्क रख सकते है तथा अपनी स्टडी जारी रख सकते है।

8.ई ट्यूटर (E- Tutor)- ई ट्यूटर एक नवीन प्रक्रिया है । ई ट्यूटर से अभिप्राय वे अध्यापक है जो इन्टरनेट का प्रयोग करके छात्रों को कुशलतापूर्वक शिक्षा देते है। ई ट्यूटर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से घर बैठे ही छात्रों की शिक्षा सम्बन्धी समस्याओ को सुलझा देते है।

9.शोध कार्यो में सहायक(Helpful in Research)-वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग शोधकर्ताओं के लिए बहुत उपयोगी तकनीक है। इस तकनीक से वे एक स्थान पर बैठे हुए ही आसानी से विद्ववानों एवं अध्यापकों से सम्पर्क स्थापित कर सकते है।इससे टाइम की भी बचत होती है।

10. निर्देशन और परामर्श-छात्र अपनी परीक्षाओ से सम्बन्धी मुश्किलो को अध्यापको से सुलझा सकते है तथा उचित निर्देशन एवं परामर्श प्राप्त कर सकते है।


वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के दोष-(Demerits  of Video conferencing)-




वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के उपर्युक्त कई लाभ है लेकिन  फिर भी इस तकनीक के कुछ दोष है जो निम्न है-

1.महंगी तकनीक (costly technic)-वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग एक महंगी विधि है इसमें महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का होना आवश्यक होता है।अतः धन की समस्या इस तकनीक के मार्ग में बहुत बड़ी बाधा है।

2.जटिल प्रक्रिया(Complex process)-वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग एक जटिल प्रक्रिया है इसके प्रयोग के लिए कुछ तकनीकी ज्ञान का होना जरुरी है।भारत में तकनीकी ज्ञान रखने वाले अध्यापको की संख्या कम है।इस प्रकार ये प्रक्रिया जटिल लगती है।

3.इन्टरनेट की जरूरत(Use of Internet)-वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के लिए इंटरनेट होना आवश्यक है इन्टरनेट कनेक्शन के बिना यह प्रक्रिया असंभव है।

4.उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता-वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग को लागू करने के लिए उचित प्रशिक्षण की भी आवश्यकता होती है।

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