12 May 2018

सामाजिक अध्ययन के शिक्षण उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन aims of teaching for social studies

Aims of teaching

Aims of teaching in Hindi sst

1. ज्ञानात्मक उद्देश्य Knowledgeable purpose-

         सामाजिक विषयों से संबंधित तथ्यों, घटनाओं, नियमों, सिद्धांतों आदि की पहचान और पुनः स्मरण करना।

अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन(Expected behavioral changes)-

  • विद्यार्थी प्रकरण संबंधित तथ्यों को पहचान सकेंगे।
  • विद्यार्थी तथ्यों, तिथियों घटनाओं एवं नियमों का पुनः स्मरण कर सकेंगे।

2. अवबोध Conception

        सामाजिक विषयों से संबंधित तथ्यों, घटनाओं, नियमों, सिद्धांतों एवं विषयों से संबंधित अवबोध करना।

अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन(Expected behavioral changes)-

  • विद्यार्थी तथ्यों घटनाओं नियमों सिद्धांतों का स्पष्टीकरण कर सकेंगे।
  • उदाहरण दे सकेंगे।
  • व्याख्या कर सकेंगे।
  • वर्गीकरण कर सकेंगे।
  • तुलना कर सकेंगे।
  • कारण स्पष्ट कर सकेंगे।
  • कारणों और परिणामों में संबंध स्थापित कर सकेंगे।
  • अशुद्धियां पहचान सकेंगे।

3. ज्ञानोपयोग -

       सामाजिक सिद्धांतों तथ्यों नियमों घटनाओं आदि के प्रयोग करने की योग्यता का विकास करना।

अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन(Expected behavioral changes)-

  • विद्यार्थी तथ्यों घटनाओं तिथियों सिद्धांतों एवं नियमों का-
  • दैनिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
  • सीखे हुए ज्ञान का स्थानांतरण कर सकेंगे।
  • निर्णय ले सकेंगे।
  • निष्कर्ष निकाल सकेंगे।
  • भविष्यवाणी कर सकेंगे।
  • समस्या का समाधान कर सकेंगे।
  • विश्लेषण कर सकेंगे।
  • उपकरणों का आयोजन कर सकेंगे।

4. कौशल skill-

     सामाजिक सिद्धांतों नियमों तथ्यों घटनाओं विषयों आदि से संबंधित व्यावहारिक कुशलता अर्जित करना।

अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन(Expected behavioral changes)-

  • विद्यार्थी तथ्यों, घटनाओं, तिथियों, सिद्धांतों, नियमों, मानचित्रों, उपकरणों, आंकड़ों आदि का-
  • चित्र मानचित्र रेखा चित्र सारणी आदि बना सकेंगे।
  • चित्र, मानचित्र, रेखा चित्र, सारणी आदि से सूचनाएं संकलित कर सकेंगे।
  • आंकड़ों को ठीक प्रकार से संग्रहित एवं वर्गीकृत कर सकेंगे।
  • विभिन्न प्रकार के उपकरणों का सावधानी से उपयोग करने की कुशलता अर्जित कर सकेंगे

5. अभिरुचि Interest-

     सामाजिक विषय से संबंधित समस्याओं और तथ्यों में रुचि विकसित करना।

अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन(Expected behavioral changes)-

  •     विद्यार्थी तथ्यों घटनाओं तिथियों सिद्धांतों नियमों मानचित्रों उपकरणों आंकड़ों आदि से-
  • संबंधित तथ्यों के बारे में रुचि ले सकेंगे।
  • मूल्य एवं भावनाओं को समझने में रुचि ले सकेंगे।
  • उचित आचरण कर सकेंगे।
  • दिन प्रतिदिन की सामाजिक समस्याओं, घटनाओं पर विचार विमर्श करने में रुचि ले सकेंगे।
  • सामाजिक उत्सव, मेलों, जयंतिया शादी में भाग लेने में रुचि ले सकेंगे।
  • स्थानीय, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, सौहाद्रता, स्थापित करने में रुचि ले सकेंगे।

6. अभिवृत्ति Aptitude-

       सामाजिक विषयों से संबंधित वैज्ञानिक,सकारात्मक, नकारात्मक, सामान्य, विश्वसनीय, सहिष्णुता पूर्ण सहयोगी सर्जनात्मक, एवं लोकतंत्रीय दृष्टिकोण विकसित करना।

अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन(Expected behavioral changes)-

  •   विद्यार्थी तथ्यों घटनाओं, तिथियों, सिद्धांतों, नियमों आदि के संबंध में-
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
  • सद्वृतियो के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
  • दुष्प्रवृत्तियों के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
  • विभिन्न तथ्यों के प्रति सामान्य दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
  • विश्वसनीय दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
  • सहिष्णुता पूर्ण एवं सहयोगी दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
  • सृजनात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
  • लोकतंत्रीय दृष्टिकोण विकसित हो सकेगा।
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