04 April 2018

सोचो ! आप क्या कर रहे हो, क्या ऐसा करना उचित है Think! What are you doing

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 क्या ऐसा करना ठीक है Is it OK to do this!

हम बात करेंगे देश के विकास की उसमें आप कितना सहयोग करते है। और आप कितने समझदार व जिम्मेदार व्यक्ति है।
कुछ व्यक्ति अकेले में कुछ ऐसा करते हैं। जिससे देश के विकास में रुकावट पैदा होती है। ऐसे व्यक्ति देश के प्रति बिल्कुल भी जागरुक नहीं होते हैं और वह लापरवाह किस्म के व्यक्ति होते है। वह लापरवाह होते हैं उन्हें यह नहीं पता होता कि हम यह सही कर रहे हैं या गलत।
आप समझदार है इसमें कोई दो राय नहीं पर यह समझदारी सिर्फ कुछ जगह ही  क्यों दिखाते हैं। यह बात सोचने वाली है।
कुछ आदतें असामान्य व्यवहार होते हुए भी सामान्य के तौर पर स्वीकृत है। इनको जो देखता है उन्हें यह बुरा ही लगता है हम बुरे नहीं है। हम लापरवाह है, इसलिए थोड़ा सा जागरुक और बेहतर इंसान बने। इसमें आप को कोई नुकसान नहीं है और आप आसानी से ये काम व्यवस्थित कर सकते है।

अगर आप जागरुक और समझदार व्यक्ति होते तो आप यह निम्न बातें कभी नहीं करते-

1. यहां-वहां थूकना Spitting around


      कुछ लोग जो अक्सर गुटका,तंबाकू,पान आदि का सेवन करते हैं उनसे शायद ही कोई सार्वजनिक स्थान (Public place)थूकने से बचा हो। सार्वजनिक स्थल ही नहीं इसके अलावा ऑफिस, बस, सड़क,ट्रेन,स्कूल, दीवार आदि पर भी उनका यह व्यवहार आम बात है। लेकिन गौर करने वाली बात यह है ये सब काम उनकी घर सीमा के बाहर ही होते हैं। खास तौर पर सरकारी कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर यह थूकने संबंधित कार्य अवश्य ही किसी कोने में ही करते हैं। खास तौर पर कहीं "यहां थूकना मना है"लगे बोर्डिंग पर जरूर थूक कर जाते हैं। थूकने की आदत जो बाइक पर,बस में चलते हुए दिखना आम बात है जो कही भी पब्लिक में थूककर चले जाते इसमें से कोई आदत यदि आप में है तो एक बार उस पर अवश्य अमल करें।


2. सार्वजनिक जगह को दूषित करना Contaminate public place

     सार्वजनिक जगह सबके लिए होती है। नियमो को साईड में रखकर लोग पान, बीड़ी,सिगरेट,तंबाकू पीते दिखाई देते हैं। वह यह भी नहीं सोचते की इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। साथ ही आसपास से गुजरने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। तथा इनसे होने वाली गंदगी को भी वहीं छोड़ देते हैं। ऐसा कार्य आप अपने घर पर अपने बच्चों को देखते हुए नहीं कर पाते, तो बाहर भी लोगों के घरवाले रहते है। इसलिए सार्वजनिक जगहो को इस तरह दूषित ना करें।


3. फिर चेतावनी किस काम की Then the warning

     सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों, बसों,आदि पर चेतावनी लिखी हुई होती है फिर भी इनका जनता पर कोई असर नहीं होता है। ट्रेन में लिखा होता है प्लेटफार्म पर खड़े रहने पर टॉयलेट का प्रयोग ना करें पर फिर भी लोग बाज नहीं आते और प्लेटफार्म को दूषित करते हैं। जबकि घर में  टॉयलेट को कम यूज में लेते है। और अगर कोई टॉयलेट को गंदा छोड़ दे तो महाभारत छिड़ जाती है। इसी तरह राष्ट्रीय स्मारको पर भी साफ साफ लिखा होता है। कि यह हमारे राष्ट्र की धरोहर हैं।इन्हें गंदा न करें। पर लोग अप ने प्यार से लेकर परिवार की जानकारी वहां लिखने से बाज नहीं आते। सोचीए आप क्या करते अगर आपके घर की दीवारों पर कोई थूके,कुछ लिख जाए, या फिर पोस्टर चिपका दे?


4. गंदगी घर के बाहर रहे Dirt is out of the house

      सभी लोग यह सोचते हैं कि गंदगी घर के बाहर रहे। हमारे घर मैं किसी भी प्रकार की गंदगी ना वो इसलिए शायद गंदगी को बालकनी से ही बाहर फेंक ने में कोई एतराज नहीं करते या फिर चुपके से बाजू वाले के घर के सामने सरका देते हैं। सोचिए ऐसा करना कितना उचित है।
एक समझदार व जागरुक नागरिक बनें अपनी व अपने परिवार की सभी गंदगी को डस्टबिन में ही डालें। जब आप एकांत में हो तब भी।


5. बस या ट्रेन में सीट के लिए For the bus or train seat

      जब आप बस या ट्रेन में सफ़र करते हैं तो सीट होने के बावजूद भी आप फेलकर बैठ जाते हैं। और दूसरे को बैठने नहीं देते। यह कहकर की जगह नहीं है और उनको खड़ा रहने पर विवश कर देते हैं। जबकी उन्हें यह नहीं पता कि ऐसा कभी उनके साथ भी हो सकता है। और सोचीए ऐसा कोई आपके साथ करे तो क्या होगा।


6. ऊंची आवाज में बोलना High voice

      ऊंची आवाज मे फोन पर बात करने की आदत बहुत से लोगों में होती है। कई बार लोग यह भी नहीं देखते कि वे कहां है जैसे- Hospital, school, ट्रेन,बस,बैंक जहां यह बातें दूसरों को परेशान कर देती है। साथ ही उनकी निजी बातें भी वे पर्दा हो जाती है। यह गलती भारी भी पड़ सकती है। कुछ लोग तो इतने बेवकूफ होते हैं उन्हें पूछने पर कहते हैं की आवाज नहीं आ रही आवाज नहीं आ रही, तो तेरे जोर से बोलने से क्या होगा।
सोचो क्या ऐसा करना उचित है।


7.नकली नोट दूसरों के चिपका देना Fake notes sticking others


     जब हमारे पास गलती से कटे फटे पुराने या नकली नोट आ जाते हैं तो ऐसी स्थिति में थोड़ी सी मेहनत नहीं करते कि बैंक में जाकर बदलवा  लाएं। बल्कि वे किसी दूसरे कमजोर व्यक्ति को ठगने की कोशिश में लग जाते हैं।सोचो क्या यह ठीक है।गलत तो गलत ही होता है।


8. किसी की शर्म नहीं No one's ashamed

     कुछ लोग ऐसे होते हैं जो किसी का भी लिहाज नहीं करते। वह कही भी किसी भी जगह को टॉयलेट मान लेते हैं। और वहीं पर अपना कार्य करते है। तथा कुछ लोग खुले में स्नान करते हैं। आसपास किसी को नहीं देखते हैं। कुछ लोग पब्लिक प्लेस में ही ऐसा काम करते हैं उन्हें तो शर्म नहीं आती, पर वे दूसरो को शर्मिंदा कर देते हैं।


9. धोखे से बैलेंस करवाना Fraud Balance


    आजकल इस प्रकार की प्रक्रिया बहुत सी चल रही है किसी भी कमजोर व्यक्ति का मोबाइल लेकर उससे चोरी छुपे balance करना या atm की जानकारी लेना। सोचिए इससे उस गरीब आदमी पर क्या गुजरती होगी ऐसा करना साइबर अपराध होता है। क्या ऐसे करना उचित है।


10. पर्यावरण के प्रति लापरवाह Careless to the environment


       कुछ व्यक्ति या दुकानदार अपनी दुकान का समान इकट्ठा करके जला देता है उसे यह नहीं पता कि इससे पर्यावरण को कितना नुकसान होता है।
तथा कुछ लोग अपने घरेलू वह दुकान के कूड़े करकट को नदियों में डाल देते हैं तो ऐसा करना भी उचित नहीं है। अगर आप स्वयं को नहीं बदलोगे तो देश कहां से बदलेगा।


देश को विकसित करने के लिए आप सभी का सहयोग बहुत आवश्यक है। तथा आप स्वयं को अपनी जिम्मेदारियों को समझना पड़ेगा और जागरूक होना पड़ेगा। तभी देश आगे प्रगति कर सकेगा।
लोगों को अपने कर्तव्यों को समझना होगा तथा अपने आस-पास सफाई रखनी होगी।

"स्वच्छ भारत,सुंदर भारत" Clean India,beautiful India "


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